रिपोर्ट: हांसी के बाद क्या गोहाना और डबवाली भी बनेंगे जिला? हरियाणा के किस मुख्यमंत्री ने बनाए कितने जिले

हरियाणा को जल्द ही 23वां जिला मिलने जा रहा है। हिसार का भौगोलिक हिस्सा हांसी अब आधिकारिक रूप से जिला बनने की तैयारी में है। यह फैसला मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने लिया है। विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में गठित मंत्रियों की कमेटी ने हांसी को जिला बनाए जाने के लिए चुना है। वहीं गोहाना और डबवाली फिलहाल दौड़ में बने हुए हैं, लेकिन उन्हें अभी इंतजार करना पड़ सकता है।

11 प्रस्तावों में से हांसी को मिली मंजूरी

राज्य सरकार के पास 11 नए जिलों के प्रस्ताव पहुंचे थे। सभी प्रस्तावों की जांच के बाद हांसी को मानकों पर खरा पाया गया और उसे जिला बनाने का निर्णय लिया गया। गोहाना और डबवाली भी मजबूत दावेदार माने गए, लेकिन इस चरण में उन्हें मंजूरी नहीं मिल सकी।

जनगणना के कारण नए जिलों पर लग सकती है रोक

अगले वर्ष से जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। नियमों के अनुसार प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव 31 दिसंबर तक ही किए जा सकते हैं। ऐसे में हांसी के बाद किसी नए जिले के गठन के लिए करीब दो साल तक इंतजार करना पड़ सकता है।

नया जिला बनाने के लिए क्या हैं मानक

सरकार द्वारा तय मानकों के अनुसार किसी क्षेत्र को जिला बनाए जाने के लिए:

  • 125 से 200 गांव
  • एक या दो उपमंडल
  • एक से तीन तहसील या उप-तहसील
  • कम से कम 4 लाख की जनसंख्या
  • लगभग 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल
  • अन्य जिला मुख्यालय से 25 से 40 किमी की दूरी
    होना जरूरी है।

हरियाणा गठन से अब तक बने जिले

जब 1 नवंबर 1966 को हरियाणा राज्य बना था, तब यहां केवल 7 जिले थे—अंबाला, गुरुग्राम, करनाल, हिसार, जींद, महेंद्रगढ़ और रोहतक। इसके बाद अब तक 15 नए जिले बनाए जा चुके हैं।

  • चौधरी बंसी लाल: सबसे अधिक 6 जिले
  • ताऊ देवी लाल: 4 जिले
  • चौधरी भजन लाल और भूपेंद्र सिंह हुड्डा: 2-2 जिले
  • मनोहर लाल: 1 जिला
  • अब नायब सिंह सैनी की सरकार में हांसी 16वां नया जिला बनने जा रहा है।

कब-कब बने नए जिले (संक्षेप में)

  • भिवानी, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, सिरसा – बंसी लाल
  • फरीदाबाद, पंचकूला – भजन लाल
  • कैथल, पानीपत, रेवाड़ी, यमुनानगर – देवी लाल
  • फतेहाबाद, झज्जर – बंसी लाल
  • मेवात, पलवल – भूपेंद्र सिंह हुड्डा
  • दादरी – मनोहर लाल

सत्यमेवपुरम से मेवात और फिर नूंह

2 अक्टूबर 2004 को तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने मेवात को जिला बनाने की घोषणा की थी और इसका नाम सत्यमेवपुरम रखा गया। सत्ता परिवर्तन के बाद 4 अप्रैल 2005 को भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसे मेवात जिले के रूप में गठित किया। बाद में 12 अप्रैल 2016 को मनोहर लाल सरकार ने इसका नाम बदलकर नूंह कर दिया।

अन्य प्रस्तावित जिले

असंध, नारायणगढ़, मानेसर, पटौदी, पिहोवा, बरवाला और सफीदों को भी जिला बनाने के प्रस्ताव सरकार को मिले थे, लेकिन मानकों पर खरे न उतर पाने के कारण फिलहाल इनका जिला बनना मुश्किल माना जा रहा है।

हांसी जिला बनने का महत्व

हांसी को जिला बनाए जाने से:

  • प्रशासनिक कामकाज आसान होगा
  • हिसार पर दबाव कम होगा
  • नए सरकारी कार्यालय खुलेंगे
  • रोजगार और विकास को बढ़ावा मिलेगा
  • आम लोगों को सरकारी सेवाएं नजदीक मिलेंगी

हरियाणा का मौजूदा प्रशासनिक ढांचा

  • मंडल: 6
  • जिले: 22 (हांसी के बाद 23)
  • उपमंडल: 80
  • तहसील: 94
  • उप-तहसील: 49
  • खंड: 143
  • कस्बे: 154
  • गांव: 6841

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार द्वारा हांसी को जिला बनाए जाने का फैसला हरियाणा के प्रशासनिक इतिहास में एक अहम कदम है। जहां एक ओर हांसी के लोगों में खुशी है, वहीं गोहाना और डबवाली को अभी इंतजार करना होगा। आने वाले वर्षों में हरियाणा के प्रशासनिक नक्शे में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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